शनिवार, 9 जून 2012

कौन हैं ब्रह्मेश्वर सिंह

बिहार में ब्रह्मेश्वर सिंह की हत्या से एक बार फिर जातीय हिसा होने का संकेत हैं ,पटना में ब्रह्मेश्वर सिंह के शवयात्रा के समय समर्थको ने नारा लगाया खून का बदला खून से लेंगे ,और कई गाडियों में आग लगा दी और राहगीरों को मारा पीटा .आखिर कौन हैं ब्रह्मेश्वर सिंह ,बिहार में जातीय हिंसा का एक दौर था बाथानी टोला नरसंघार जहा 21 दलितों की हत्या कर दी गयी थीं . फिर बोजपुर कुल मिला के पूरे बिहार में 200 ज्यादा दलितों की हत्या कर दी गयी . इन सभी मामलो में अभियुक्त रहे ब्रह्मेश्वर सिंह जो रणवीर सेना के मुखिया थें ,रणवीर सेना का गठन बिहार में भुमिअरो और जमीदारो ने छोटे जातियों ,नक्सल और दलितों के खिलाफ लड़ने की लिए किया .बक्सर ,पटना ,जहानाबाद रणवीर सेना के कुछ प्रमुख छेत्र हैं ।लेकिन 95 में स रकार ने इस संघटन पर रोक लगा दी और ब्रह्मेश्वर सिंह को नो साल की सजा हो गयी .जेल से छूटने के बाद ब्रह्मेश्वर सिंह ने किसानो का मोर्चा बनाया .ब्रह्मेश्वर सिंह के हत्या के बाद us पर राजनीती भी होना शुरू हो गयी हैं ,विकास दर सबसे आगे चल रहे बिहार ने अभी तो चलना सिखा हैं ,इसे डर हैं कही इसके पैर न डगमगाजाये ब्रह्मेश्वर सिंह की हत्या और उस पर राजनीत उभरते बिहार का एक कला सच हैं और नितीश कुमार के लिए सबसे बड़ा सवाल भी ........

कौन हैं ब्रह्मेश्वर सिंह

बिहार में ब्रह्मेश्वर सिंह की हत्या से एक बार फिर जातीय हिसा होने का संकेत हैं ,पटना में ब्रह्मेश्वर सिंह के शवयात्रा के समय समर्थको ने नारा लगाया खून का बदला खून से लेंगे ,और कई गाडियों में आग लगा दी और राहगीरों को मारा पीटा .आखिर कौन हैं ब्रह्मेश्वर सिंह ,बिहार में जातीय हिंसा का एक दौर था बाथानी टोला नरसंघार जहा 21 दलितों की हत्या कर दी गयी थीं . फिर बोजपुर कुल मिला के पूरे बिहार में 200 ज्यादा दलितों की हत्या कर दी गयी . इन सभी मामलो में अभियुक्त रहे ब्रह्मेश्वर सिंह जो रणवीर सेना के मुखिया थें ,रणवीर सेना का गठन बिहार में भुमिअरो और जमीदारो ने छोटे जातियों ,नक्सल और दलितों के खिलाफ लड़ने की लिए किया .बक्सर ,पटना ,जहानाबाद रणवीर सेना के कुछ प्रमुख छेत्र हैं ।लेकिन 95 में स रकार ने इस संघटन पर रोक लगा दी और ब्रह्मेश्वर सिंह को नो साल की सजा हो गयी .जेल से छूटने के बाद ब्रह्मेश्वर सिंह ने किसानो का मोर्चा बनाया .ब्रह्मेश्वर सिंह के हत्या के बाद us पर राजनीती भी होना शुरू हो गयी हैं ,विकास दर सबसे आगे चल रहे बिहार ने अभी तो चलना सिखा हैं ,इसे डर हैं कही इसके पैर न डगमगाजाये ब्रह्मेश्वर सिंह की हत्या और उस पर राजनीत उभरते बिहार का एक कला सच हैं और नितीश कुमार के लिए सबसे बड़ा सवाल भी ........